रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में ग्रामीण महिलाओं की आजीविका, स्वयं सहायता समूहों यानी SHG/सखी मंडल, आवास योजनाओं, पलाश ब्रांड, दीदी कैफे और बिरसा हरित ग्राम योजना को लेकर कई अहम निर्देश दिए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्ययोजनाओं पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने JSLPS को राज्य में महिला SHG की संख्या बढ़ाने और समूहों से जुड़ी महिलाओं को योजनाओं, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। अधिकारियों के अनुसार, 5,000 नए सखी मंडलों के गठन की प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत 60,000 परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम ने कहा कि राज्य की माताएं और बहनें हुनरमंद हैं, अब उन्हें आगे बढ़ने के लिए नया प्लेटफॉर्म और व्यापक सहयोग देने का समय है। उन्होंने SHG उत्पादों की मैपिंग, बाजार उपलब्ध कराने, आधुनिक तकनीक, सोलर पावर, हनी प्रोडक्शन और अन्य आजीविका गतिविधियों में प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया
बैठक में पलाश ब्रांड और पलाश मार्ट को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी पलाश मार्ट जैसे बिक्री केंद्र स्थापित करने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि रांची के कांके रोड पर नया पलाश मार्ट भवन अंतिम चरण में है और इस वर्ष 6 और पलाश मार्ट बनाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने दीदी कैफे, मइयां सम्मान योजना से जुड़ी महिलाओं को SHG से जोड़ने, जल संचय, लिफ्ट इरिगेशन और बिरसा हरित ग्राम योजना को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है, इसलिए बागवानी कार्यों को बढ़ावा देते हुए इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाया जाएगा !













