जनजातीय कार्य मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में PM JANMAN और DA-JGUA योजनाओं की समीक्षा की। NESTS और राज्य सरकार के बीच MoU के तहत EMRS छात्रों के लिए प्रति छात्र फंड ₹61,500 से बढ़ाकर ₹1.47 लाख किया गया।
पश्चिम बंगाल में PM JANMAN और DA-JGUA योजनाओं की समीक्षा, EMRS छात्रों के लिए फंड बढ़ाकर ₹1.47 लाख
जनजातीय कार्य मंत्रालय और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में आदिवासी कल्याण, EMRS विस्तार और PVTG सर्वे पर अहम निर्णय
कोलकाता/नई दिल्ली | नमो: भारत न्यूज़ 24
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM JANMAN) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के कार्यान्वयन की समीक्षा की। बुधवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में आदिवासी समुदायों और विशेष रूप से PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Groups) क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ तेज़ी से पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने की, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार के जनजातीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित मंत्रालय और संबद्ध संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। चर्चा के दौरान विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS) और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच Eklavya Model Residential Schools (EMRS) नेटवर्क को मजबूत करने के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को माना जा रहा है। इस समझौते के तहत EMRS योजना में प्रति छात्र मिलने वाली फंडिंग को ₹61,500 से बढ़ाकर ₹1.47 लाख प्रति छात्र कर दिया गया है। इससे राज्य में आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही राज्य में स्वीकृत EMRS स्कूलों को जल्द चालू करने, लंबित निर्माण कार्यों को पूरा करने और शिक्षकों की भर्ती को केंद्रीकृत प्रक्रिया के माध्यम से तेज़ करने पर भी सहमति बनी। EMRS स्कूलों में NCERT और CBSE मानकों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था लागू करने पर बल दिया गया।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पश्चिम बंगाल में PVTG परिवारों का सर्वेक्षण 27 मई 2026 से शुरू कर दिया गया है। इस सर्वे का उद्देश्य पात्र आदिवासी परिवारों तक सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी लाभों की समय पर पहुंच सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने राज्य सरकार को DA-JGUA और PM JANMAN के अंतर्गत आने वाले गांवों में Adi Sewa Kendras (ASKs) की स्थापना और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के निर्देश भी दिए।
सरकार का कहना है कि ये पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” और समावेशी विकास के विजन को मजबूत करेंगी तथा आदिवासी युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के नए अवसर तैयार करेंगी।













