IIT (BHU) और BHU वैज्ञानिकों के साथ शोध कार्य — टिकाऊ खेती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम


धनबाद। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय यानी बीबीएमकेयू के कुलपति प्रो. राम कुमार सिंह की अगुवाई में हुए दो कृषि शोध कार्यों को बड़ी सफलता मिली है। IIT (BHU), Varanasi और Banaras Hindu University से जुड़े वैज्ञानिकों के साथ किए गए इन शोधों को भारतीय पेटेंट प्रणाली के तहत मान्यता मिली है। यह उपलब्धि बीबीएमकेयू, धनबाद और पूरे कोयलांचल क्षेत्र के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।

पहला शोध “A Sprayable Herbicide–Biopolymer Formulation and Method of Preparation Thereof” से जुड़ा है। IIT (BHU) के आधिकारिक प्रोफाइल में इस शोध के आविष्कारकों में Reshu Bhardwaj, Shivam Tiwari, Om Prakash, Pralay Maiti और Ram Kumar Singh के नाम दर्ज हैं तथा आवेदन संख्या 202211077465 बताई गई है। BHU की पेटेंट सूची में भी इस शीर्षक को पेटेंट-ग्रांटेड शोध के रूप में दर्ज किया गया है।

दूसरा शोध “A Nanoherbicidal Composition and a Method for its Preparation and Uses Thereof” है। IIT (BHU) के आधिकारिक विवरण के अनुसार इस शोध में Reshu Bhardwaj, Preeti Maiti, Om Prakash, Ram Kumar Singh और Pralay Maiti आविष्कारक के रूप में शामिल हैं। इस शोध को Indian Patent No. 512924 के रूप में दर्ज किया गया है, जिसकी आवेदन संख्या 202111002570 है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हर्बिसाइड यानी खरपतवार नियंत्रण से जुड़ी ऐसी तकनीकें खेती को अधिक प्रभावी, कम खर्चीला और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद कर सकती हैं। स्प्रेएबल बायोपॉलिमर तकनीक खरपतवार नियंत्रण की प्रक्रिया को बेहतर बना सकती है, जबकि नैनो-हर्बीसाइडल कंपोजिशन कम मात्रा में अधिक प्रभाव दिखाने की क्षमता रखता है।

प्रो. राम कुमार सिंह ने कहा कि ये शोध कृषि क्षेत्र में नई दिशा दे सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसी तकनीकें टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, मिट्टी और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने तथा किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

यह उपलब्धि केवल विश्वविद्यालय के लिए नहीं, बल्कि धनबाद और झारखंड के शैक्षणिक-शोध जगत के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 


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