धनबाद। जिले के पूर्वी टुंडी प्रखंड में प्रस्तावित Integrated Mega Agro Processing Hub के निर्माण को लेकर स्थल जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों एवं संबंधित प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित जमीन की स्थिति, पहुंच मार्ग, स्थानीय कृषि उत्पादन, किसानों की जरूरतों और संभावित सुविधाओं को लेकर जानकारी ली।
इसी क्रम में “खेत बचाओ अभियान” के तहत स्थानीय कृषकों के साथ चौपाल भी आयोजित की गई। चौपाल में किसानों ने सिंचाई, बाजार उपलब्धता, फसल की उचित कीमत, भंडारण, प्रोसेसिंग सुविधा, सड़क संपर्क और कृषि आधारित रोजगार से जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों को सामने रखा।
प्रस्तावित एग्रो प्रोसेसिंग हब को क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है, तो पूर्वी टुंडी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन, स्थानीय बाजार विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
सार्वजनिक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वी टुंडी में Integrated Agro Processing Hub के लिए करीब 7.15 एकड़ जमीन चिन्हित किए जाने की बात सामने आई थी। वहीं धनबाद जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी में पूर्वी टुंडी को कृषि उत्पाद और कुटीर उद्योग की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया गया है।
झारखंड सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शिल्पी नेहा तिर्की राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री हैं, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय की पोर्टफोलियो सूची में भी उन्हें Agriculture, Animal Husbandry and Cooperation विभाग से जोड़ा गया है।
किसानों की मुख्य मांगें सिंचाई सुविधा मजबूत हो। फसलों की प्रोसेसिंग और स्टोरेज व्यवस्था बने। किसानों को उचित बाजार और सही मूल्य मिले। स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए। परियोजना में किसानों की राय को प्राथमिकता दी जाए।













